सीकर.
नीमकाथाना मार्ग पर कांवट नदी के पास घुमाव पर मंगलवार को हुए सडक़ हादसे में भी कारण रोडवेज बस की तेज रफ्तार का होना बताया गया है। जिसमें एक ही परिवार के 5 लोग मौत के मुंह में समा गए। जबकि प्रदेश में पिछले साल ही सडक़ गड्ढे, खतरनाक मोड़ और कटाव के कारण 49 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रॉंंग साइड से वाहन ले जाने के कारण 516 को जान से हाथ धोना पडा था।
पासबुक से पहचान
घटना के बाद मृतकों के चेहरे बिगड़ गए थे। ऐसे में काफी देर तक तो पहचान ही नहीं हो पाई थी। बाद में एक थैली में बैंक की पासबुक मिली तो पता चला कि मरने वाले बाढ़ वाली ढाणी तन हरजनपुरा बासड़ी के रहने वाले हैं। जिनकी जानकारी बाद में परिजनों को दी गई।
चार परिवार हो गए बर्बाद
हादसे में सुमित्रा व उसका सबसे छोटा बेटा अंकित अकाल मौत का शिकार हुआ। सुमित्रा का पति दूसरे राज्य में टाइल लगाने का काम करता है। इसके दो बड़े लडक़े और हैं। लेकिन, अंकित लाडला होने के कारण सुमित्रा उसे ही अपने साथ बाइक पर ले गई थी। इसके अलावा बाइक चालक मनीष के पिता फौज में हैं और उसके तीन भाई-बहन और हैं। अंकित तीन भाई बहनों में बीच का था। नवीन सहित चारों के परिवार घटना के बाद सदमे में हैं। परिवार के बुजुर्गों के अनुसार इनमें कइयों की बुढापे की लाठी टूट कर बिखर गई है। जिनकी भरपाई इस जन्म में होना मुश्किल है।
खून से सनी सडक़
घटना स्थल के पास एक अन्य महिला की मौत के बाद कुछ लोग उसके दाह संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे। दाह संस्कार में शामिल होने आए सुभाष सैनी का कहना था कि वे लोग सडक़ के पास बैठे थे। उसने भीषण हादसे के बाद मौत का मंजर लाइव देखा था। रोडवेज चालक ने बस को मोडऩा चाहा और सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार सभी लोग सडक़ पर गिर गए और बस ने सभी को कुचल दिया। इसके बाद घटना स्थल पर कोहराम मच गया और वे दौडकऱ बस के पास पहुंचे। लेकिन, तब तक बाइक पर सवार लोगों की मौत हो चुकी थी।
इनका कहना है...
रोडवेज की टक्कर से बाइक पर सवार पांच जनों की मौत हो जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। रोडवेज चालक की तलाश जारी है। बस को जब्त कर लिया गया है। -विनीत कुमार, एसपी सीकर

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