गुना। बीते रोज बूढ़े बालाजी क्षेत्र से बरामद की गई नाबालिग लडक़ी को 50 हजार रुपए में बेचने का सौदा आरोपी प्रखर के जरिए फरार हुए मुस्लिम आरोपियों ने किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस को यह आशंका है कि रसीद और उसकी पत्नी के चंगुल में इस नाबालिग के अलावा तीन-चार और लड़कियां हैं जिनको वे मुंबई समेत दूसरे शहरों में या तो बेच चुके हैं या छिपाकर रखे हुए हैं। इस मुस्लिम परिवार को दो-तीन प्रभावशाली लोगों का पूरी तरह संरक्षण मिलता रहा है, जिसकी वजह से कोतवाली पुलिस चाहने के बाद भी उस परिवार पर कार्रवाई नहीं कर पा रही थी।
बूढ़े बालाजी क्षेत्र में रहने वाले रसीद ही नहीं बल्कि कुछ घरों में वहां जिस्म फरोशी का धंधा चल रहा है। इसके चलते मानव तस्करी में भी कुछ लोग सक्रिय हो गए हैं, जिनके निशाने पर अधिकतर आदिवासी समाज की लड़कियां आ रही हैं, जिनको वे अपनी गिर त में लेकर बेचने में लग गए हैं। हाल ही में दो-तीन आदिवासी लड़कियां गायब हो गई थीं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। एक निजी कान्वेन्ट स्कूल की दो-तीन लड़कियां बीते कुछ माह से गायब हैं। कंचनपुरा की रहने वाली तीन लड़कियां जिनमें दो सगी बहनें हैं वे कोतवाली क्षेत्र से गायब हैं। संभावना ये है कि ये लड़कियां मानव तस्करों के हाथों पहुंची हैं।
लडक़ी को सौंपा नाना-नानी के पासपुलिस के अनुसार उस नाबालिग लडक़ी को उसके नाना-नानी को सौंप दिया है। उसके परिजनों ने उक्त लडक़ी से बीते 21-22 दिनों में कहां-कहां ले गए और क्या घटनाक्रम हुआ, उसके बारे में पूछ रहे हैं, वह उसकी याद करके केवल रो रही है। वहीं उस लडक़ी के एसडीएम के यहां बयान होने थे मगर उसके बयान नहीं हो पाए।
पुलिस ने तेज की तलाशी बताया गया कि उक्त नाबालिग लडक़ी की बरामदगी के बाद उस घर से आरोपी रसीद की दो लड़कियों को पकड़ा था, जिनको पुलिस ने पेश कर जेल भेज दिया है। इनके साथ प्रखर नामदेव को भी जेल भेजा है, प्रखर ने उक्त नाबालिक से दोस्ती इस्ट्राग्राम पर करके अपने चंगुल में फंसाया था, बाद में उसको उक्त मुस्लिम परिवार के सुपुर्द कर दिया था। आरोपी पति रसीद और उसकी पत्नी की तलाश में कैंट थाना पुलिस जुट गई है। खास बात ये है कि जिस्म फरोशी का धंधा और मानव तस्करों को संरक्षण देने वाले दो-तीन प्रभावशाली लोग भूमिगत भी हो गए हैं। इन लोगों की भी कैंट पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है।
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